छवि को ध्यान से देखिए। पहली नज़र में यह एक साधारण फ़ोटोग्राफ़ लग सकता है, लेकिन इसमें एक ऐसा विवरण है जो पूरी दृष्टि बदल देता है। लोगों और विशाल तने के बीच का अनुपात साफ़ कर देता है कि यह कोई साधारण पेड़ नहीं, बल्कि ऐसे आयामों वाला पेड़ है जिसकी कल्पना आज करना भी कठिन लगता है।

यह 1891 में हुआ था, जब बड़े पैमाने पर की गई लकड़ी कटाई ने संयुक्त राज्य अमेरिका के प्राचीन वनों को तबाह कर दिया, बिना इस बात को सच में मापे कि क्या खोया जा रहा था। इन नमूनों को उस आकार तक पहुँचने में सदियाँ, शायद सहस्राब्दियाँ लगी थीं। वे कुछ ही घंटों में गिरा दिए गए, हाथ की आरी और सस्ती लकड़ी के उस वादे के साथ, एक ऐसी सभ्यता के लिए जो पीछे मुड़कर देखे बिना बढ़ रही थी।

आज विशालकाय पेड़ों की वे प्रजातियाँ संरक्षित आरक्षित क्षेत्रों के बाहर लगभग अब मौजूद ही नहीं हैं। जो तस्वीर आप देख रहे हैं, वह उस परिदृश्य के बचे हुए बहुत कम सबूतों में से एक है, जो अब फिर कभी अस्तित्व में नहीं आएगा।

