वीनस डिंपल्स (अंग्रेज़ी में Venus dimples) दो छोटे सममित गड्ढे होते हैं जो पीठ के निचले हिस्से में, नितंबों के ठीक ऊपर बनते हैं।

सौंदर्य, आकर्षण और अच्छी शारीरिक स्थिति से जुड़े होने के कारण वे एक बहुत लोकप्रिय शारीरिक विशेषता हैं।
शारीरिक रूप से वे क्या हैं?
चिकित्सीय और शारीरिक दृष्टिकोण से:
- हड्डी संबंधी उत्पत्ति: वे सीधे sacroiliac joints के ऊपर स्थित होते हैं, जहाँ सैक्रम श्रोणि से जुड़ता है (पोस्टीरियर सुपीरियर इलियक स्पाइन पर)।
- गड्ढे का कारण: वे एक छोटे लिगामेंट के कारण बनते हैं जो त्वचा को सीधे उस हड्डी के उभार से जोड़ता है। चूँकि उस विशेष स्थान पर कोई मांसपेशी या वसा की बड़ी परत नहीं होती, इसलिए त्वचा “खींची” जाती है।
- आनुवंशिक कारक: उनका होना मुख्यतः आनुवंशिकी और जन्म से मिली हड्डियों की संरचना पर निर्भर करता है।


उनका क्या अर्थ या प्रतिनिधित्व है?
1. सुंदरता और कामुकता
उनका नाम Venus से आया है, जो प्रेम और सुंदरता की रोमन देवी हैं। ऐतिहासिक रूप से, उन्हें पुरुषों और महिलाओं दोनों में शारीरिक आकर्षण, गरिमा और कामुकता का प्रतीक माना गया है (पुरुषों में इन्हें कभी-कभी “Apollo dimples” कहा जाता है)।


2. शरीर में वसा का प्रतिशत और टोनिंग
हालाँकि उनकी उपस्थिति वंशानुगत होती है, उनकी स्पष्टता शरीर की संरचना पर निर्भर करती है:
- वे कम शरीर-वसा प्रतिशत और टोंड पीठ के निचले हिस्से/ग्लूटियल क्षेत्र वाले लोगों में कहीं अधिक दिखाई देते हैं।
- यदि किसी व्यक्ति का वजन बढ़ता है या पीठ के निचले हिस्से में वसा जमा होती है, तो डिंपल छिप सकते हैं।
