जब इस तरह का चकत्ता दिखाई देता है, तो किसी को मशरूम पर शक नहीं होता।

शिटाके मशरूम खाने के कई दिन बाद एक महिला की पीठ पर ये निशान दिखाई दिए और समानांतर लाल रेखाएँ बन गईं, जो कोड़े के निशान जैसी दिख रही थीं। यह न तो आम एलर्जी थी और न ही संक्रमण: डॉक्टरों ने इसे शिटाके डर्मेटाइटिस नामक प्रतिक्रिया के रूप में पहचाना, जो लेंटिनन नामक एक ऐसे यौगिक के कारण होती है, जो मशरूम को कच्चा या कम पका हुआ खाने पर उसमें से निकलता है।

इस घटना का पहली बार वर्णन 1977 में किया गया था और यह आज भी इसका अनुभव करने वाले लोगों को हैरान करती है, क्योंकि चकत्ता दिखाई देने में पाँच दिन तक लग सकते हैं और पूरी तरह गायब होने में लगभग एक महीना लग सकता है। चिकित्सा पत्रिकाओं में दर्ज इसी तरह के मामलों में दुनिया भर के अलग-अलग लोगों में यही पैटर्न दिखाई देता है, और हर बार दोषी वही चीज़ होती है: एक ऐसी सामग्री, जिसे बहुत से लोग अपने भोजन में इस्तेमाल के लिए हानिरहित मानते हैं।

