जुलाई में हुई एक घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। उस समय 30 वर्ष की Kendra Wofford को संयुक्त राज्य अमेरिका के Arkansas में हिरासत में लिया गया था। उन पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने यह जानते हुए भी किसी अन्य व्यक्ति को कथित तौर पर एचआईवी के संपर्क में ला दिया कि उनकी जाँच पॉज़िटिव आई थी।

आरोप से संकेत मिलता है कि उन्होंने संभवतः दूसरे व्यक्ति को पहले से अपनी स्थिति के बारे में बताए बिना उसके साथ यौन संबंध बनाए होंगे। राज्य के कानून के तहत ऐसा आचरण एक गंभीर अपराध माना जाता है। अदालत में पेश न होने के कारण Wofford को उनके खिलाफ लंबित कई वारंटों के मामले में भी हिरासत में लिया गया था।
यह मामला फिर से वायरल हो गया और इसके साथ कथित गर्भधारण तथा कई संक्रमणों से जुड़े और भी गंभीर दावे सामने आए, लेकिन इन विवरणों की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि उपचार और पता न चलने योग्य वायरल लोड होने पर एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति यौन संपर्क के माध्यम से वायरस प्रसारित नहीं करता।
