यह सब फुटबॉल में बाहर होने से शुरू हुआ। इसका अंत इस बात पर टिप्पणियों की जंग में हुआ कि कौन ज़्यादा खूबसूरत है।
अर्जेंटीनी इन्फ्लुएंसर नानू ने अपनी राष्ट्रीय टीम की हार के बाद मिले मज़ाक का जवाब एक ऐसे वाक्य से दिया, जिसे कई लोगों ने अन्य लैटिन अमेरिकी देशों की महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण बताया। प्रतिक्रिया तुरंत आई: कुछ ने उन पर घमंडी और विदेशियों से नफरत करने वाली होने का आरोप लगाया, जबकि अन्य ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वह केवल उन हमलों का जवाब दे रही थीं जो उन्हें पहले मिले थे।

क्या यह मज़ाक का उचित जवाब था, या उन्होंने एक ऐसी सीमा पार कर दी जो उन्हें नहीं करनी चाहिए थी? 🤔
