देश छोड़ने से अब सज़ा से बचा नहीं जा सकता। इटली ने सरोगेसी पर लगे प्रतिबंध को अपनी सीमाओं से बाहर तक लागू करने का फ़ैसला किया है और अपने नागरिकों को तब भी सज़ा दे सकता है, जब यह प्रक्रिया कहीं और कानूनी रूप से कराई गई हो।
इटली में 2004 से सरोगेसी प्रतिबंधित है, लेकिन नया कानून विदेश में इसका सहारा लेना भी अपराध बनाता है। इसमें दो साल तक की जेल के साथ-साथ दस लाख यूरो तक का जुर्माना हो सकता है।
इस उपाय को प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ़ इटली ने लीग के साथ मिलकर आगे बढ़ाया। इसके समर्थकों का तर्क है कि इसका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना और गर्भावस्था को व्यावसायिक गतिविधि बनने से रोकना है।
यह कानून सभी इतालवी नागरिकों पर लागू होता है, हालांकि LGBTQ+ संगठन चेतावनी देते हैं कि इसका विशेष रूप से उन समलैंगिक जोड़ों पर असर पड़ेगा जो देश के बाहर परिवार शुरू करना चाहते हैं। इस उपाय के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपनी स्थिति को एक सीधे वाक्य में संक्षेपित किया: “हम माता-पिता हैं, अपराधी नहीं”।
