उन्होंने नोगा से कहा कि इलाज के कारण उसके बाल झड़ जाएंगे। कैंसर की पहचान के बाद लगा यह वह झटका था, जो पहले डर के बाद आया था।
उसके सहपाठियों को यह पता चला और उन्होंने कुछ सरल करने का फैसला किया: अगर उसके बाल झड़ने ही वाले थे, तो वह अकेली ऐसा नहीं करेगी।

सत्तर छात्र एक-एक करके बैठे और क्लिपर्स के सामने अपना सिर मुंडवाया। यह कोई वादा या सोशल मीडिया के लिए खिंचवाई गई तस्वीर नहीं थी। यह सचमुच मुंडे हुए सिरों की एक कतार थी—उसी दोपहर, उसी स्कूल में।
जब वह कक्षा में पहुँची, तो उसके सिर से अलग एक भी सिर नहीं होगा। वहाँ सत्तर बिल्कुल एक जैसे सिर होंगे।
यह भी ठीक होने का एक तरीका है।

