पहली नज़र में, चित्र में लाल सीधी रेखा सबसे तार्किक और सबसे तेज़ समाधान लगती है। हालांकि, इस तरह के भूभाग पर सड़क इंजीनियरिंग में सीधी रेखाओं से बचने के महत्वपूर्ण तकनीकी कारण होते हैं:
1. भूमि की ढलान (Topography)
मुख्य कारण चढ़ान है। यदि आप वनस्पति और परिप्रेक्ष्य को देखें, तो सड़क किसी पहाड़ी या पर्वत की ओर चढ़ रही है।

यदि लाल सीधी रेखा बनाई जाती, तो ढलान बहुत अधिक खड़ी होती।
साधारण कारों की पकड़ छूट जाती, भारी ट्रक तो बस चढ़ ही नहीं पाते, और नीचे उतरना ब्रेक के घिसने और फेल होने के कारण बेहद खतरनाक होता। यह मोड़ दूरी बढ़ाने और चढ़ाई को क्रमिक तथा सुरक्षित बनाने का काम करता है।
2. सड़क सुरक्षा और थकान
बेहद लंबे और एकरस सीधे हिस्से ड्राइवरों को बहुत अधिक तेज़ चलाने के लिए उकसाते हैं या highway hypnosis (उनींदापन) पैदा करते हैं। हल्के मोड़ और दिशा में बदलाव शामिल करने से ड्राइवर सतर्क रहता है और वाहन की गति को स्वाभाविक रूप से नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
3. प्राकृतिक बाधाएँ और लागत
हालाँकि ऊपर से यह हरा-भरा और एकसमान दिख सकता है, उस केंद्रीय क्षेत्र में कठोर चट्टानी संरचनाएँ, भूवैज्ञानिक भ्रंश, या छिपी हुई जलधाराएँ हो सकती हैं। पर्वत की समोच्च रेखाओं का अनुसरण करते हुए भूभाग के चारों ओर से जाना, सीधी रेखा बनाए रखने के लिए चट्टान उड़ाने या विशाल पुल और सुरंगें बनाने की तुलना में आमतौर पर बहुत सस्ता और पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल होता है।

