Jonathan Dupré ने वर्षों तक उन्हीं लोगों के साथ काम किया था, कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन वे सब कुछ बदल देंगे। जब उसकी बेटी में कैंसर का निदान हुआ, तो वह एक असंभव स्थिति के सामने था: उसकी देखभाल के लिए घर पर रुकने का मतलब था अपनी नौकरी और आजीविका खो देना। तभी उसके सहकर्मियों ने कुछ ऐसा किया जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी — एक-एक करके, वे Human Resources के पास गए और अपनी ही छुट्टियों के दिन दान कर दिए। अंत में, उन्होंने 350 दिन इकट्ठा कर लिए। Jonathan को कोई एक विकल्प नहीं चुनना पड़ा। वह हर सुबह अपनी नन्ही बेटी के पास रह सका, हर इलाज के दौरान उसका हाथ थाम सका, और जब उसे उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी तब उसके साथ रह सका। जब उन्होंने उसे बताया कि उन्होंने क्या किया है, तो उसके पास शब्द नहीं थे। उसने बस हर एक को गले लगा लिया। 🥺❤️

