उस दिन केन्टन ली केन्या में दुनिया बदलने नहीं निकले थे। उन्होंने बस एक ऐसी लड़की को देखा, जिसके पैर की उंगलियाँ उसके लिए छोटे पड़ चुके जूते से बाहर निकली हुई थीं—जूते के अगले हिस्से को किसी ने काटकर खोल दिया था, ताकि वह उसे पहनना जारी रख सके।


यह बात उनके मन में बस गई। दुनिया भर में 300 मिलियन बच्चे नंगे पैर रहते हैं और परजीवियों तथा संक्रमणों के संपर्क में आते हैं, जो ठीक वहीं से, उनके पैरों के रास्ते, शरीर में प्रवेश करते हैं। केन्टन जूते के डिज़ाइन या निर्माण के बारे में कुछ नहीं जानते थे, लेकिन वे अपना विचार कई बड़े ब्रांडों के पास ले गए और उसे मुफ़्त में उन्हें देने की पेशकश की। उन सभी ने मना कर दिया: वर्षों तक चलने वाला जूता मुनाफ़ा नहीं देता।

इसलिए उन्होंने इसे खुद बनाया। समायोज्य बकल वाला चमड़े का सैंडल, जो पाँच साइज़ तक फैल सकता है और पूरे पाँच वर्षों तक चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उन्होंने Because International की स्थापना की और The Shoe That Grows का जन्म हुआ। आज, जिस जूते का निर्माण कोई नहीं करना चाहता था, वह 100 से अधिक देशों में सैकड़ों हज़ार बच्चों को जूते उपलब्ध करा चुका है।

