पॉल एंथनी मेंचाका के रूप में पहचाने गए 31 वर्षीय व्यक्ति ने गिलबर्ट, एरिज़ोना में एक बेहद सावधानी से गढ़ा हुआ झूठ रचा। उसने ‘एमी’ नाम की एक काल्पनिक माँ की प्रोफ़ाइल बनाई, जो अपने डाउन सिंड्रोम वाले बेटे की देखभाल के लिए मदद की बेताबी से तलाश कर रही थी।


कई महिलाओं ने करुणा से प्रेरित होकर विज्ञापन का जवाब दिया।
किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि असहाय ‘बेटा’ वास्तव में एक वयस्क पुरुष था, जिसे कोई विकलांगता नहीं थी और जो पूरी तरह नियंत्रण में रहकर यह भूमिका निभा रहा था।
देखभाल करने वाली महिलाओं में से एक लगभग 30 बार उसकी सहायता करने आई, उसे नहलाया और उसका डायपर बदला मानो वह सचमुच एक मरीज हो।
इन्हीं अंतरंग दिनचर्याओं के दौरान उसने यौन व्यवहार देखे, जो उसे बताई गई किसी भी बात से मेल नहीं खाते थे।
मामला सितंबर 2018 में सार्वजनिक हुआ और धोखाधड़ी तथा अन्य आरोपों में गिरफ्तारी के साथ समाप्त हुआ।
सबसे परेशान करने वाली बात केवल धोखा नहीं है, बल्कि यह है कि उसे बनाए रखने में उसने कितना समय और प्रयास लगाया, और किसी के समझने से पहले कितनी महिलाओं ने उसकी बनावटी असहायता पर भरोसा किया।
