
पूरा पड़ोस एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए ढहाया जा रहा था, लेकिन चीन के चोंगकिंग में एक ऐसा घर था जो गायब होने को तैयार नहीं था।
उसके मालिक, यांग वू और वू पिंग, 2004 से संपत्ति डेवलपर्स के खिलाफ लड़ रहे थे। उन्होंने मुआवज़े के प्रस्ताव बार-बार ठुकरा दिए, क्योंकि वे शर्तों से सहमत नहीं थे।
निर्माणकर्ताओं ने घर के चारों ओर की ज़मीन तब तक खोदी, जब तक वह लगभग 10 मीटर ऊँचे मिट्टी के टीले पर अलग-थलग नहीं रह गया। उसके चारों ओर निर्माण का एक विशाल गड्ढा था, और हर तरफ क्रेनें तथा मशीनें काम कर रही थीं।

यह तस्वीर दुनिया भर में फैल गई और इस दंपति को चीन में संपत्ति डेवलपर्स के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बना दिया।
करीब तीन साल तक चले विवाद के बाद, 2 अप्रैल, 2007 को, यांग वू और वू पिंग ने डेवलपर्स के साथ समझौता कर लिया। उन्हें समान आकार की एक अन्य व्यावसायिक संपत्ति और उनके व्यवसाय को हुए नुकसान के लिए वित्तीय मुआवज़ा मिलना था। उसी रात, घर को ढहा दिया गया।
क्या आप अंत तक डटे रहते, या प्रस्ताव स्वीकार कर लेते?
