Boncuk छह दिनों तक उस दरवाज़े से हिली तक नहीं।

जब उसके बुज़ुर्ग मालिक Cemal Senturk को तुर्की के Trabzon स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, तो वह एम्बुलेंस के पीछे दौड़ पड़ी। उसका परिवार उसे बार-बार घर ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन हर सुबह वह फिर प्रवेशद्वार पर आ जाती। सुरक्षा गार्ड Muhammet Akdeniz ने देखा कि वह करीब नौ बजे आती और रात होने तक वहीं रहती, लगभग कुछ भी नहीं खाती।

किसी ने Boncuk को यह नहीं बताया कि उसका मालिक ठीक हो रहा था। वह बस इंतज़ार करना जानती थी। और छठे दिन, जब अस्पताल के दरवाज़े खुले और Cemal व्हीलचेयर पर बाहर आए, तो कुतिया उनकी ओर ऐसे दौड़ी मानो वह पूरे समय समझती रही हो कि उसे बस थोड़ी देर और डटे रहना है।

