Madrid Metro में यात्रियों को एक अवास्तविक दृश्य ने पूरी तरह स्तब्ध और असहज कर दिया: एक महिला ने डिब्बे के ठीक बीचोंबीच अपनी मानवीय अवस्था का त्याग करने का फैसला कर लिया।
वह घुटनों के बल बैठ गई, पिल्ले की तरह सिसकने लगी, बेतहाशा दरवाज़ों के शीशे को खरोंचने लगी और, जब वे खुले, तो उपयोगकर्ताओं की तिरस्कारपूर्ण निगाहों के बीच चारों हाथ-पैरों पर रेंगते हुए बाहर निकल गई।
वह “Therian” प्रवृत्ति से जुड़ी है, यानी ऐसे लोग जो दावा करते हैं कि उनकी आध्यात्मिक पहचान किसी जानवर की है। लेकिन सोशल मीडिया अब कह चुका है, बस बहुत हुआ! आलोचना की लहर सार्वजनिक स्थानों के सम्मान की मांग करती है और इस व्यवहार पर कड़े सवाल उठाती है।
समाज की समझदारी आखिर कहाँ तक जाएगी? 🚇🚫
