Deportivo Municipal के पास पैसे खत्म हो गए। वह Copa Perú में रेलीगेट हो गया, बड़े प्रायोजक गायब हो गए और पेरूवियाई क्लब को तत्काल कोई रास्ता निकालना था। 🇵🇪

उन्होंने जो विचार निकाला, वह पागलपन जैसा लगा: जर्सी पर जगह सिर्फ 200 सोल्स में बेचना, यानी लगभग 60 डॉलर प्रति जगह। कोई भी एक जगह खरीद सकता था, पड़ोस की नाई की दुकान से लेकर छोटे पारिवारिक व्यवसाय तक।

सिर्फ 3 महीनों में, 1,000 प्रायोजक सामने आ गए। जर्सी ऊपर से नीचे तक लोगो से ढक गई, एक ऐसा मोज़ेक जिसने पूरे क्लब को वित्तपोषित किया। 🤯 शुद्ध प्रतिभा या फुटबॉल में हताशा का सबसे रचनात्मक स्तर? फैसला आप करें। 👀
