29 अक्टूबर 2010 को, एशियाई मूल का एक युवक बुज़ुर्ग श्वेत व्यक्ति का रूप धरकर हांगकांग से वैंकूवर जाने वाली एयर कनाडा की उड़ान में सवार हुआ।

उसने सिर और गर्दन की नकल करने वाला सिलिकॉन मास्क पहना था और भेष पूरा करने के लिए कपड़े तथा सहायक वस्तुएँ भी इस्तेमाल की थीं।

उड़ान के दौरान उसने बाथरूम में मास्क उतार दिया। चालक दल ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी और वैंकूवर में उतरने के बाद कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के अधिकारियों ने उसे रोक लिया। उस समय की खबरों के मुताबिक, उसने कनाडा में शरणार्थी संरक्षण की मांग की थी।

