करीम अब्दुल-जब्बार के कोच ने उन्हें स्टार नहीं, एक छात्र की तरह माना: “उन लोगों को कभी न भूलें जिन्होंने सफलता की राह में आपकी मदद की”

Por Valentina Ulloa
14 July, 2026

“उन्होंने मेरे साथ खिलाड़ी की तरह नहीं, बल्कि एक छात्र की तरह व्यवहार किया”: करीम के वे शब्द जो बताते हैं कि उन्होंने इस कोच को क्यों चुना 🏀 1960 के दशक में, दर्जनों विश्वविद्यालयों ने ल्यू एल्सिंडर—वह युवा जो बाद में करीम अब्दुल-जब्बार बने—से गौरव, खिताब और राष्ट्रीय प्रशंसा का वादा किया। वे सभी एक ही चीज़ बेच रहे थे: प्रसिद्धि।

केवल एक अलग था। UCLA के कोच जॉन वुडन ने उनसे ट्रॉफियों से पहले पढ़ाई के बारे में बात की। करीम ने वर्षों बाद इसे इस तरह याद किया: “उन्होंने मेरे साथ बास्केटबॉल खिलाड़ी की तरह नहीं, बल्कि एक ऐसे छात्र की तरह व्यवहार किया जो संयोग से बास्केटबॉल खेलता था”। उस वाक्य ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

साथ मिलकर उन्होंने एक कॉलेज राजवंश बनाया और NCAA का इतिहास रचा। लेकिन जर्सी उतारने के दशकों बाद जो बचा रहा, वह खिताब नहीं थे: वह था उस शिक्षक और छात्र के बीच कायम रहने वाला सम्मान, जिसमें शिक्षक ने एथलीट से पहले व्यक्ति को प्राथमिकता दी, और छात्र ने उन्हें कभी नहीं भुलाया। 🏀🙌

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