मेट्रो में भीड़ थी, चीन में किसी भी दोपहर की तरह।
एक छोटा लड़का अपनी माँ के साथ यात्रा कर रहा था, तभी एक विदेशी युवक आकर ठीक उसके बगल में बैठ गया। उस अंतर ने तुरंत उसका ध्यान खींचा: त्वचा, बाल, बालों से ढकी बाँहें। इतनी नज़दीक से ऐसा कुछ देखना उसके लिए बिल्कुल आम नहीं था।


बचपन की जिज्ञासा अभी भी बरकरार थी, इसलिए लड़का धीरे-धीरे और पास खिसका और पर्यटक की बाँह को छू लिया, मानो जाँच रहा हो कि वह सचमुच असली है। “वॉव”, वीडियो में लिखा है, जबकि उसकी माँ सब समझते हुए हँस पड़ती है। युवक असहज होने के बजाय उनके साथ हँसा और छोटे लड़के को उसे देखते-परखते रहने दिया। मेट्रो के डिब्बे में फ़िल्माया गया यह छोटा-सा पल अंततः दिखा गया कि जब आप अभी सीमाओं से अनजान हों, तो विस्मय कितना सहज हो सकता है।
