“गरीब लोगों को शोर पसंद है”: एक influencer का वर्गवादी वाक्यांश जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी।

Por Valentina Ulloa
4 June, 2026

एक युवा महिला पूरे विश्वास के साथ कैमरे से कहती है: किसी गरीब मोहल्ले में जाइए, वहाँ शोर है, चिल्लाहट है, तेज़ संगीत बज रहा है। जहाँ अमीर लोग रहते हैं वहाँ जाइए… बस सन्नाटा। उसका निष्कर्ष: संपन्नता शांत होती है, और बिना शोर के जीना सीखना “जहाँ आप हैं वहाँ से निकलने” का पहला कदम होगा। 🤯

प्रतिक्रिया तुरंत और तीखी थी। जहाँ कुछ लोग इस विचार की सराहना सफलता की मानसिकता के रूप में करते हैं, वहीं पर्यावरणीय मनोविज्ञान के विशेषज्ञ बताते हैं कि सन्नाटा कोई ऐसा गुण नहीं है जिसे विकसित किया जाता है — यह एक विलासिता है जिसे खरीदा जाता है। संपन्न इलाकों में शोर कम होता है क्योंकि वहाँ बेहतर soundproofing, कम घनत्व, और अधिक निजी जगह होती है, न कि इसलिए कि वहाँ के निवासी अधिक अनुशासित होते हैं। 🔇💰

क्या यह लड़की सही है, या वह कारण को परिणाम समझ रही है?

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