यह तुलना एक ऐसे अंतर को उजागर करती है जो अधिकारों और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर बहस को लगातार हवा देता है।

2025 तक, 39 देशों ने समलैंगिक विवाह को वैध कर दिया था, जिससे इन जोड़ों को कानूनी मान्यता मिली और विवाह तक पहुंच में समानता स्थापित हुई। वहीं, 191 देशों के विवाह कानूनों की समीक्षा करने वाले एक अध्ययन में पाया गया कि 99 देशों में माता-पिता या अभिभावक की सहमति होने पर 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को विवाह करने की अनुमति थी।

यह आंकड़ा यह नहीं दर्शाता कि उन देशों में बाल विवाह सामान्य नियम है, लेकिन यह दिखाता है कि कई कानूनों में अब भी ऐसे अपवाद मौजूद हैं जो किसी नाबालिग को 18 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले विवाह करने की अनुमति देते हैं।
