32 घंटे। चीन में सर्जनों के एक समूह ने हाथ में स्कैल्पेल लिए खड़े रहकर एक अत्यंत जटिल ब्रेन ट्यूमर को हटाने में इतना समय बिताया। जब उन्होंने आखिरकार 2014 में काम पूरा किया, तो न तालियां बजीं, न गले मिले: वे बस थकान से अभिभूत होकर ऑपरेशन थिएटर के फर्श पर गिर पड़े।
बहुत कम लोग जानते हैं कि इस तरह की सर्जरी कभी भी शुरू से अंत तक एक ही टीम द्वारा नहीं की जाती। विशेषज्ञ बारी-बारी से काम करते हैं, आते-जाते हैं, कुछ मिनट आराम करते हैं और लौटते हैं, ताकि एक पल के लिए भी सटीकता में कमी न आए। उस समय थकान के कारण हुई एक गलती किसी की जान ले सकती है।

यह तस्वीर उस चीज़ का प्रतीक बन गई जिसे आप शायद ही कभी देखते हैं: किसी को बचाने की बात आने पर चिकित्सा जिस शारीरिक और मानसिक सीमा तक पहुंचती है। हर अत्यंत कठिन सर्जरी के पीछे इंसानी शरीर होते हैं जो खुद को बिल्कुल अंत तक धकेलते हैं।
