18 मई, 2021 को अब्दू न्गोम ने मोरक्को से तैरकर सेउता के ताराजाल समुद्रतट तक का रास्ता तय किया।

वह अपने भाई के साथ रवाना हुआ था, लेकिन सफ़र के बीच में लहरें उसके भाई को बहा ले गईं और अब्दू ने उसे फिर कभी नहीं देखा। जब वह आखिरकार थका-हारा और बेबस होकर किनारे पर पहुंचा, तो उसकी मुलाकात लूना रेयेस से हुई, जो रेड क्रॉस की एक स्वयंसेविका थीं और प्रवासियों की मदद कर रही थीं। अब्दू ने खुद को उनकी बांहों में झोंक दिया। EFE के एक फ़ोटोग्राफ़र ने उस पल को कैमरे में कैद किया और यह तस्वीर दुनिया भर में छा गई।
उसे वापस मोरक्को भेज दिया गया। उसने फिर से स्पेन पहुंचने की कोशिश में कई साल बिताए और 2024 में वह इसमें कामयाब हुआ—प्रवासियों की एक छोटी नाव पर सवार होकर, जो लान्ज़ारोते पहुंची। इसके बाद वह मलागा में बस गया, जहां उसने अपनी पत्नी और छोटी बेटी का भरण-पोषण करने के लिए निर्माण-कार्य किया।
3 जून, 2025 को कई दिनों तक अस्वस्थ महसूस करने के बाद एक कमरे में उसकी अकेले मौत हो गई। उसका शव लगभग एक महीने तक मुर्दाघर में पड़ा रहा, जबकि उसके दोस्तों ने उसे सेनेगल वापस ले जाने के लिए पैसे जुटाए।
वह आलिंगन, जो कभी उम्मीद का प्रतीक बन गया था, संघर्ष, बिछोह और उस सपने से चिह्नित जीवन की अंतिम याद बनकर रह गया, जिसका पीछा करना उसने कभी नहीं छोड़ा।
