रज़िया नोरीन ने ज़रा भी नहीं सोचा। 🔥
जब 26 अगस्त, 2026 को इस्लामाबाद के PIMS Hospital के नवजात वार्ड को आग ने घेर लिया, तब अंदर 15 नवजात शिशु थे। सुरक्षा कैमरों ने उन्हें आग की लपटों के बीच दौड़ते और ठीक 8 सेकंड बाद अपनी बाहों में एक बच्चे के साथ बाहर आते हुए रिकॉर्ड किया। उन्होंने बाकी बच्चों के लिए वापस जाने की कोशिश की, लेकिन घने धुएँ और आग ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया। केवल वही बच्चा बच पाया; बाकी 14 की दो मिनट से भी कम समय में मौत हो गई।
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने उन्हें 10 मिलियन रुपये, यानी लगभग 105.000 डॉलर, का इनाम देने के साथ-साथ सितारा-ए-ख़िदमत, यानी Star of Service, पदक देने को मंज़ूरी दी। रज़िया पूरी त्रासदी को टाल नहीं सकीं, लेकिन 8 सेकंड में उन्होंने तय किया कि उस रात कम-से-कम एक जीवन बुझने नहीं दिया जाएगा। 👶
