कई दिनों की बारिश से जलमग्न हुए बेसमेंट को इसका कारण माना जा रहा है। क्या इस त्रासदी को रोका जा सकता था?


रविवार को दोपहर 1:30 बजे के कुछ ही देर बाद इमारत अचानक ढह गई।


यह नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में स्थित 50 साल पुरानी इमारत थी और उस समय भूतल पर मरम्मत का काम चल रहा था।

इलाके के निवासियों का कहना है कि कई दिनों की बारिश के दौरान बेसमेंट में पानी जमा हो गया था, जिससे नींव कमजोर होती गई और अंततः इमारत खुद को संभालने में असमर्थ हो गई। अंदर दर्जनों छात्र मौजूद थे।


अब तक कम से कम 6 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, और दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें मलबे में उन 20 या 25 अन्य लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं, जिनके अंदर फंसे होने की आशंका है।

भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर अभियान पर करीबी नजर रखने को कहा, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और इस बात की आधिकारिक जांच के आदेश दिए कि एक इमारत एक पल से दूसरे पल में इस तरह कैसे ढह सकती है।
