उसने वह घंटी यह यकीन करके बजाई कि वह जीत गया है… और उसने उसे यही मानने दिया। 💔 Ghewan Arja ने अपने 10 वर्षीय बेटे Omar का वीडियो बनाया, जिसमें वह अपनी बची हुई सारी ताकत से अस्पताल की घंटी बजा रहा था।
ऑन्कोलॉजी के गलियारों में उस आवाज़ का सिर्फ एक ही मतलब होता है: इलाज खत्म हो गया और तुम जीत गए। Omar यह जानता था। वह मुस्कुराया। उसे यह नहीं पता था कि उसकी मां ने उससे झूठ बोला था। 💔

जिस non-Hodgkin lymphoma का उसे निदान हुआ था, उसमें अब वापसी की कोई गुंजाइश नहीं थी। डॉक्टर पहले ही Ghewan से कह चुके थे कि अब वे कुछ और नहीं कर सकते, और उन्होंने पूछा कि क्या वह अपने बेटे को बताने वाली है।

उसने कहा नहीं। वह चाहती थी कि Omar घर यह मानकर जाए कि उसने इसे हरा दिया है, वह गर्व से वह घंटी बजाए, और उसके आखिरी दिन इंतजार में नहीं बल्कि जीत की भावना से भरे हों। यह फैसला — प्यार में उससे झूठ बोलना — TikTok पर वायरल हो गया और इसने लाखों लोगों का दिल तोड़ दिया। 🌿

इस कहानी को और भी असहनीय बनाने वाली बात यह है कि Omar पहला नहीं था। Ghewan इससे पहले 2009 में अपनी 4 वर्षीय बेटी Aisha के साथ भी यही सब झेल चुकी थी, और वर्षों बाद 9 वर्षीय Mohammed के साथ भी, जिसकी एक बिना चेतावनी के उभरे ब्रेन ट्यूमर से मौत हो गई।
यह ऑस्ट्रेलियाई मां दर्द को उस तरह जानती है, जिस तरह किसी भी माता-पिता को कभी नहीं जानना चाहिए। और फिर भी, हर बार जब कैमरा चालू हुआ, उसने अंत तक अपने बच्चों की रक्षा करना चुना। 🤍
