वर्षों से, कुछ खेल प्रसारणों की आलोचना इस बात के लिए की जाती रही है कि उनमें ऐसे शॉट्स का इस्तेमाल किया जाता था जो महिला एथलीटों के शरीर पर अनावश्यक रूप से ठहरते थे। अब, यूरोपीय ब्रॉडकास्टिंग यूनियन और यूरोपीय एथलेटिक्स की नई सिफारिशें लो-एंगल कैमरों, पीछे से लिए गए शॉट्स और ऐसे स्लो-मोशन रीप्ले से बचने का आह्वान करती हैं जो खेल संबंधी जानकारी प्रदान नहीं करते।


इस गाइड का उद्देश्य यह है कि महिला एथलेटिक्स के प्रसारण प्रतियोगियों की तकनीक, शक्ति और प्रदर्शन पर केंद्रित हों। यह दुनिया भर में लागू होने वाला प्रतिबंध नहीं है, बल्कि सम्मान का एक नया मानक है जिसे संगठन उम्मीद करते हैं कि अधिक से अधिक प्रसारक अपनाएंगे। 📺🏃♀️

