आप जिम से निकलते हैं, लॉकर रूम के आईने में देखते हैं और आपकी बाँहें बहुत बड़ी दिखती हैं। लेकिन आपके शरीर का एक दूसरा हिस्सा उतना बड़ा नहीं दिखता।
इसे ‘जिम पेनिस’ कहा जाता है और लशफुल एस्थेटिक्स की संस्थापक तथा सौंदर्य चिकित्सा में नर्स प्रैक्टिशनर क्रिस बुस्टामांटे के अनुसार, यह एक वास्तविक घटना है। व्यायाम के दौरान रक्त मांसपेशियों, हृदय, फेफड़ों और त्वचा की ओर चला जाता है, जिससे लिंग अस्थायी रूप से सिकुड़ सकता है। कुछ पुरुष शायद ही इस पर ध्यान देते हैं; दूसरों को लगता है कि सब कुछ शरीर के भीतर सिमट रहा है—बुस्टामांटे इसे ‘टर्टलिंग’ यानी कछुए की तरह अंदर सिमटने की स्थिति कहते हैं। कार्डियो, भारी वज़न उठाने वाले गहन व्यायाम और एड्रेनालिन बढ़ाने वाले वर्कआउट शरीर की लड़ो-या-भागो प्रतिक्रिया को सक्रिय करते हैं और इस स्थिति को अधिक स्पष्ट कर सकते हैं।

ज़्यादातर लोगों में कुछ मिनटों से लेकर एक घंटे के भीतर सब कुछ सामान्य हो जाता है। निर्जलीकरण, चिंता, कैफीन या वर्कआउट से पहले लिया जाने वाला सप्लीमेंट, ठंड या बहुत कठिन व्यायाम सत्र के बाद इसमें अधिक समय लग सकता है। बुस्टामांटे ज़ोर देकर कहते हैं कि इससे कोई शारीरिक नुकसान नहीं होता और ढीली अवस्था में लिंग का आकार हर पुरुष में बहुत अलग-अलग होता है। उन्हें सबसे ज़्यादा चिंता शर्मिंदगी, लॉकर रूम से बचने या दूसरों से अपनी तुलना करने को लेकर है।
किन लक्षणों पर पेशेवर से सलाह लेनी चाहिए: आकार में लगातार बदलाव, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की नई समस्या, दर्द, टेढ़ापन, सुन्नपन या पेशाब से जुड़ी समस्याएँ।

