उसके चेहरे से पहले उसके हाथों ने उसकी असलियत बता दी।
29 अक्टूबर, 2010 को, एक युवक श्वेत बूढ़े आदमी का भेष धारण करके हांगकांग से वैंकूवर जाने वाली एयर कनाडा की उड़ान 018 में सवार हुआ।

उसने “The Elder” नाम का व्यावसायिक सिलिकॉन मास्क, भूरे रंग की चमड़े की टोपी, चश्मा और पतला कार्डिगन पहना था।
कनाडाई सीमा एजेंसी के एक बुलेटिन के अनुसार, उसका भेष इतना सटीक था कि उसमें केवल एक ही कमी रह गई: उसके हाथ जवान दिखते थे।

उसने एक दूसरे यात्री के साथ अदला-बदली किए गए बोर्डिंग पास से सुरक्षा जांच पार की और, कनाडाई अधिकारी के अनुसार, इसमें एक अमेरिकी पासपोर्ट भी शामिल था।
उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद, उसने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। वह 20 के दशक का एक युवक बनकर बाहर निकला।
एक यात्री ने एक युवा एशियाई आदमी को कथित बूढ़े व्यक्ति की सीट पर बैठने की कोशिश करते देखा और चालक दल को सतर्क कर दिया।

वैंकूवर में विमान के उतरते ही एजेंट उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे। जब उन्होंने उससे मास्क फिर से पहनने को कहा, तो वह वापस बूढ़े आदमी में बदल गया और उसकी चाल-ढाल की नकल भी की।
एजेंसी ने इसे “छिपाव का एक अविश्वसनीय मामला” बताया। कनाडाई धरती पर कदम रखते ही उसने शरणार्थी संरक्षण की मांग की।
