मनीला में एक महिला ने 4 साल तक एक हरी मूर्ति को बुद्ध समझकर प्रार्थना की: वह दरअसल Shrek निकला

Por Josefina Reyes
7 July, 2026

मनीला में, एक महिला ने किसी यूँ ही सी दुकान से एक हरी मूर्ति खरीदी। उस चेहरे में उसे कुछ ऐसा लगा जो शांत, बुद्धिमान, लगभग प्रबुद्ध-सा था। उसने तय कर लिया कि वह बुद्ध हैं और 4 साल तक उसी तरह उनका आदर करती रही: मोमबत्तियाँ जलाईं, हर सुबह प्रार्थनाएँ कीं, आँखें बंद करके उनसे कृपा माँगी।

उसके घर में किसी ने भी इस पर सवाल नहीं उठाया। आस्था प्रामाणिकता के प्रमाणपत्र नहीं माँगती। फिर एक दोस्त उससे मिलने आई, उसने उस मूर्ति को उससे कहीं ज़्यादा ध्यान से देखा, और वह वाक्य कह दिया जिसने उसकी भक्ति बदल दी: वह बुद्ध नहीं थे, वे तो Shrek के नुकीले कान थे।

4 साल तक अनजाने में एक हरे DreamWorks दैत्य को अगरबत्ती अर्पित की जाती रही। यह कहानी साफ़ वजहों से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, और अब आधा इंटरनेट एक ही बात पूछ रहा है: बिना किसी को पता चले Shrek ने कितनी मनोकामनाएँ पूरी कर दी होंगी?

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