जापान में एक टैक्सी ड्राइवर ने डैशबोर्ड पर एक फोटो रखी हुई थी: उसकी बेटी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था। जब उससे उसके बारे में पूछा गया, तो उसने बताया कि वह खुद भी एक अच्छी तनख्वाह वाला इंजीनियर था, लेकिन वह इतना काम करता था कि एक दिन उसकी बेटी ने उससे कुछ ऐसा कहा जिसे वह भूल नहीं सका: ‘मुझे माँ याद हैं। मुझे दादी याद हैं। आप याद नहीं हैं।’ 💔

उस आदमी ने नौकरी छोड़ दी और टैक्सी ड्राइवर बन गया ताकि वह अपने काम के घंटे खुद तय कर सके। उसके परिवार को लगा कि वह पागल हो गया है। लेकिन आज वे हर हफ्ते बात करते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि यह सबसे बहादुर फैसला था; दूसरे कहते हैं कि आर्थिक स्थिरता की कुर्बानी देना समाधान नहीं है। आप क्या करते? 👇
