“मेरी कमज़ोरियाँ हमेशा से खाना और पुरुष रहे हैं, उसी क्रम में”: डॉली पार्टन का वह इक़बालिया बयान, जो उनके जीवन-दर्शन का सार है

Por Carlos Valencia
26 August, 2026

डॉली पार्टन ने यह बात उसी मुस्कान के साथ कही, जिसने उन्हें मशहूर बनाया: पहले खाना, फिर पुरुष। उन्होंने अपनी प्राथमिकताएँ कभी नहीं छिपाईं, और यही ईमानदारी उन बातों में से एक थी, जिसने उन्हें अविस्मरणीय बनाया।

जो लोग उन्हें जानते थे, वे कहते हैं कि हर सेट पर, हर दौरे में, किसी भी और चीज़ से पहले उनके लिए हमेशा एक व्यंजन अलग रख दिया जाता था। उन्हें बिना अपराधबोध के, बिना पत्रिकाओं में छपने वाली डाइट के, अच्छा खाना पसंद था। उन्होंने यही बेफ़िक्र रवैया बाकी हर चीज़ पर भी लागू किया: पैसे पर, जिन्हें वे जीवन की सरल चीज़ों से कम मूल्यवान मानती थीं, और प्रेम पर, जिसका सामना वे नाटक के बजाय हास्य के साथ करती थीं।

डॉली ने दुनिया भर के बच्चों तक 332 मिलियन किताबें पहुँचने में मदद की। लेकिन वे इससे भी सरल चीज़ छोड़ गईं: यह विचार कि ख़ुद पर हँसना और अच्छा भोजन करना भी बुद्धिमत्ता का एक रूप हो सकता है।

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