1949 में, Helen ने दुनिया को अपने पिता के इग्लू के प्रवेश द्वार से देखा था; आज, 95 वर्ष की उम्र में भी, उनकी मुस्कान ज्ञान का एक आश्रय बनी हुई है। ❄️👵 उनके लिए दुनिया कैसे बदल गई?


1949 में, फोटोग्राफर Richard Harrington ने एक ऐसी छवि कैद की जो आर्कटिक का प्रतीक बन गई: एक युवा Inuit महिला, जो जिज्ञासा से इग्लू के प्रवेश द्वार से झाँक रही थी।
Helen का जन्म और पालन-पोषण Arviat क्षेत्र, Nunavut (Canada) में हुआ, उस समय जब जीवित रहना शिकार, मछली पकड़ने और बर्फ के आश्रय बनाने पर निर्भर था। ❄️
आज, लगभग एक सदी बाद, Helen एक आधुनिक घर में रहती हैं, तकनीक का उपयोग करती हैं, और अपने पोते-पोतियों को समकालीन दुनिया में सफल होते देखती हैं।
Helen की वर्तमान प्रसिद्धि का बड़ा हिस्सा उनके पोते, Jordan Konek, की वजह से है, जो एक प्रसिद्ध Inuit पत्रकार हैं और जिन्होंने गर्व के साथ अपनी दादी की यात्रा साझा की है।


Helen के लिए, 95 वर्ष की आयु तक पहुँचना केवल भाग्य की बात नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों और अपनी भूमि से गहरे जुड़ाव का परिणाम है। 👵❤️
