विश्व कप के दौरान टीवी पर जो आप देखते हैं, वही स्टेडियम में मौजूद लोग भी नहीं देखते

Por Fernanda Saide
9 July, 2026

लाखों लोग मानते हैं कि वे बिल्कुल वही विश्व कप प्रसारण देख रहे हैं। ऐसा नहीं है। 🤯

इस तकनीक को Virtual Replacement Technology (VRT) कहा जाता है और यह वर्षों से चुपचाप काम कर रही है: जब आप स्टेडियम के बोर्डों पर अपने देश के किसी ब्रांड का विज्ञापन देखते हैं, तो दुनिया में कहीं और कोई व्यक्ति पिच पर ठीक उसी जगह, ठीक उसी सेकंड में, बिल्कुल अलग विज्ञापन देख रहा होता है। यह प्रणाली कैमरों, खिलाड़ियों, रेफरियों और गेंद की स्थिति को रियल टाइम में ट्रैक करती है ताकि विज्ञापन कभी उन्हें ढक न दे, और यह देखने वाले देश के अनुसार अलग-अलग फीड तैयार करती है।

सबसे बेचैन करने वाली बात यह है: स्टैंड्स में शारीरिक रूप से मौजूद लोग भी अपने घर से आप जो देखते हैं, वही नहीं देखते। इस तकनीक की शुरुआत 2018 में Leeds में England और Costa Rica के बीच एक फ्रेंडली मैच में हुई थी, और आज इसका उपयोग Premier League, LaLiga, UEFA, और FIFA में होता है। आप जो भी प्रसारण देखते हैं, उसे लाइव संपादित किया गया था, मिलीसेकंड की देरी के साथ, ताकि आपको वह चीज़ बेची जा सके जो किसी और को बेची जा रही चीज़ से अलग हो। 🎯

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