मार्कस आर्टज़ेन 15 साल का है, उसके पिता चिली के हैं और मां नॉर्वे की हैं, और फुटबॉल के प्रति उसके प्रेम ने उसे 2026 विश्व कप के लिए ओस्लो से संयुक्त राज्य अमेरिका तक यात्रा करने पर मजबूर किया।

समस्या यह थी: ब्राज़ील और नॉर्वे के बीच राउंड ऑफ 16 मैच के लिए उनके पास टिकट नहीं थे, और रीसेल टिकटों की कीमत इतनी अधिक थी कि वे उसे वहन नहीं कर सकते थे। 🎫

इसलिए उन्होंने वही किया जो बिना योजना वाला कोई भी प्रशंसक करता: अपनी उम्मीदें कायम रखते हुए न्यूयॉर्क में घूमना। मार्कस ने अपने आदर्श एंड्रियास श्जेल्डेरुप की जर्सी पहन रखी थी, तभी हडसन नदी के किनारे उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसने उसे तुरंत पहचान लिया: वह फुटबॉलर के पिता योर्न-टॉमी श्जेल्डेरुप थे। 🌊

इस दृश्य से भावुक होकर, उन्होंने खिलाड़ी फ्रेड्रिक ऑर्स्नेस के जरिए वीआईपी टिकटों की व्यवस्था की। मार्कस ने मेटलाइफ स्टेडियम के एक विशेष क्षेत्र से नॉर्वे की 2-1 की जीत देखी, और बाद में हालांड, ओडेगार्ड और पूरी टीम के साथ तस्वीरें लेने के लिए लॉकर रूम में गया। कभी-कभी बस एक जर्सी और वहां होने की इच्छा ही काफी होती है। ✨🇳🇴
