कंपन शुरू हुआ और वह उठ खड़ा हुआ।
वह भाग सकता था। वह दरवाज़ा ढूँढ़ सकता था, खुद को बचा सकता था, डर को जीतने दे सकता था। जब धरती कांपती है, तो शरीर यही करने के लिए चीखता है।
लेकिन वह बिस्तर पर थीं। और उन्होंने पुकारा।
तो उसने वही किया जो वह साथ बिताई पूरी ज़िंदगी के बाद करना जानता है: वह उनकी ओर चला। खतरे से दूर नहीं। उनकी ओर।
उसने उनके हाथ थाम लिए। उन्हें कसकर दबाया। पूरी दुनिया बिखर रही थी, तब भी वह उनसे धीरे-धीरे बात करता रहा। और उसने उन्हें एक चुंबन दिया, वहीं, उस दहशत के बीचोंबीच।
दो दादा-दादी। दो नाज़ुक शरीर। और एक यक़ीन जिसे कोई भूकंप हिला नहीं सका: अगर यह कांपेगा, तो मैं तुम्हारे साथ कांपूंगा। अगर यह खत्म होगा, तो तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में लिए ही खत्म होगा।
कुछ लोग खुद को बचाने के लिए भागते हैं। और कुछ लोग ठहर जाते हैं, क्योंकि दूसरे व्यक्ति के बिना खुद को बचा लेना, सच में बच जाना नहीं होता। 🕊️
😢इस बुजुर्ग दंपति ने #Venezuela में भूकंप का अनुभव इस तरह किया
बुधवार को वेनेजुएला की राजधानी के पश्चिमी हिस्से में आए दो तेज़ झटकों ने #Caracas में इमारतों को गिरा दिया, लोगों को मलबे के नीचे फंसा दिया, और वैज्ञानिकों को अनुमान लगाने पर मजबूर कर दिया… pic.twitter.com/aci0yLAxSe
— Cristian Crespo F. 🇨🇺 (@cristiancrespoj) June 25, 2026
