स्कूल की प्रिंसिपल ने एक आवारा पिल्ले को सिर्फ इसलिए ज़िंदा दफनाने का आदेश दिया क्योंकि वह खाना ढूंढने आई थी 💔

Por Valeria Urra
28 July, 2026

लिली दक्षिण अफ्रीका में एक स्कूल के मैदान के पास केवल खाने के बचे-खुचे टुकड़े ढूंढ रही थी। वह उस इलाके के कई कुत्तों की तरह सड़कों पर रहती थी, उसका कोई मालिक या आश्रय नहीं था। लेकिन स्कूल की प्रिंसिपल ने उसकी मौजूदगी को एक समस्या मान लिया और ऐसा आदेश दिया जिसका कोई भी जानवर हकदार नहीं है: उसे ज़िंदा दफना दिया जाए।

दो चौकीदारों ने गड्ढा खोदा और उसे मिट्टी से ढक दिया, उसे वहां डेढ़ मीटर गहराई में, लगभग बिना हवा के छोड़ दिया। किसी ने गुमनाम रूप से इंटरनेशनल फंड फॉर एनिमल वेलफेयर को सूचना दी, और उसके स्वयंसेवक समय के खिलाफ दौड़ते हुए वहां पहुंचे। उन्होंने उसे 30 मिनट बाद पाया, वह अभी भी जीवित थी और धरती के नीचे कांप रही थी।

सौभाग्य से, वह नन्ही जान बचाने में कामयाब रही, और प्रिंसिपल तथा चौकीदारों को पशु क्रूरता का दोषी पाया गया; उन्हें जुर्माने और आपराधिक सज़ाएं मिलीं, जबकि कर्मचारियों ने अपनी नौकरियां खो दीं। उसकी कहानी ने उसी स्कूल में पशु कल्याण कार्यक्रम शुरू करने के लिए प्रेरित किया, और लिली को एक पत्रकार ने गोद ले लिया, जिससे आखिरकार उसे वह घर मिल गया जिसकी वह हकदार थी। ❤️‍🩹

Puede interesarte