यह निष्कर्ष Swiss Spiez laboratory के वैज्ञानिकों ने निकाला, जिन्होंने 55 वर्षीय एक व्यक्ति का विश्लेषण किया था, जो South America में hantavirus के Andes variant से संक्रमित हुआ था, वही प्रकार जो छह साल पहले MV Hondius cruise ship पर फैला था। हालांकि वायरस उसके रक्त, मूत्र या श्वसन तंत्र में अब मौजूद नहीं था, फिर भी वीर्य के नमूनों में इसका पता लगाया जा सकता था।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इससे स्वस्थ होने के काफी समय बाद भी संक्रमण फैलने की संभावना खुल सकती है, हालांकि अब तक उस मार्ग से संक्रमण के कोई पुष्ट मामले नहीं हैं। इस शोध के कारण कुछ विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की समीक्षा और वायरस के व्यवहार पर अधिक गहन अध्ययन की मांग की।

Hantavirus आमतौर पर मुख्य रूप से संक्रमित कृन्तकों के संपर्क से फैलता है, और केवल Andes variant में ही व्यक्ति-से-व्यक्ति संचरण के दुर्लभ मामले देखे गए हैं।
