बावन वर्ष। इंदौर, भारत के एक परिवार को एक ही शब्द सुनने का इंतज़ार करते हुए इतने वर्ष बीत गए थे: बेटी।

पीढ़ी दर पीढ़ी, केवल लड़के ही पैदा हुए थे। इसलिए जब प्रसव में मौजूद स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. बेला शाह जैन ऑपरेशन थिएटर से बाहर आईं, तो बाहर एक ऐसा दृश्य उनका इंतज़ार कर रहा था, जिसे उन्होंने खुद रिकॉर्ड करने का फैसला किया: परिवार के सदस्य हाथ जोड़कर चुपचाप प्रार्थना कर रहे थे और अब भी नहीं जानते थे कि अंदर क्या हुआ था।

जब डॉक्टर ने पुष्टि की कि बेटी हुई है, तो सन्नाटा तालियों, गले मिलने और आँसुओं में बदल गया। डॉ. जैन ने वीडियो Instagram पर अपलोड किया, और कुछ ही घंटों में यह पूरे भारत में वायरल हो गया। किसी ऐसी बात के लिए आधी सदी का इंतज़ार, जो किसी भी दूसरे परिवार में बस एक और खबर होती।

