चियारा फेराग्नी पहले ही थक चुकी थीं। 😮💨
हफ्तों तक, इतालवी इन्फ्लुएंसर और उद्यमी देखती रहीं कि उनका शरीर उन टिप्पणियों और मीम्स में उपहास का विषय बन गया, जिनमें उन्हें “मोटी”कहा जा रहा था। यह कोई अकेली टिप्पणी नहीं थी: यह लगातार उठती एक लहर थी, जो भीतर जम जाती है और जाती नहीं।
इस बार, उन्होंने इसे नज़रअंदाज़ न करने का फैसला किया। फेराग्नी ने सार्वजनिक रूप से अपना बचाव किया और सवाल उठाया कि किसी महिला का शरीर अब भी बिना अनुमति दूसरों की राय का क्षेत्र क्यों बना हुआ है। उनके जवाब ने उस बातचीत को फिर से शुरू कर दिया, जिससे कई महिलाएँ पहले से ही भली-भाँति परिचित हैं: सौंदर्य का दबाव न प्रसिद्धि देखता है, न दौलत। 💬✨

