
Kent काउंटी में स्थित Ramsgate Arts Primary School ने एक ऐसा फैसला लिया जिसे कई माता-पिता और प्रिंसिपल्स ने क्रांतिकारी माना: शुरू होने का समय सुबह 8:50 से बदलकर 10:00 करना। इसका कारण कोई सनक नहीं बल्कि जीवविज्ञान था। किशोरों की नींद पर हुए अध्ययन बताते हैं कि 12 से 18 वर्ष के युवाओं की सर्कैडियन घड़ी इस तरह प्रोग्राम होती है कि वे देर से जागें, जिसका मतलब है कि उन्हें सुबह 7 या 8 बजे प्रदर्शन करने के लिए मजबूर करना, किसी वयस्क से सुबह 4 बजे काम करने को कहने के बराबर है। यह प्रयोग पूरे एक शैक्षणिक वर्ष तक चला, और आंकड़े चौंकाने वाले थे: बीमारी से जुड़ी अनुपस्थितियाँ 55% घट गईं और कुल ग्रेड लगातार बेहतर हुए। जो चीज़ एक सुविधा जैसी लग रही थी, वह दरअसल सार्वजनिक स्वास्थ्य में एक हस्तक्षेप साबित हुई। असहज करने वाली सच्चाई यह है कि दुनिया की अधिकांश शिक्षा प्रणालियाँ अब भी इस साक्ष्य को नज़रअंदाज़ करती हैं।