
रोड्रिगो De Paul तब सिर्फ कुछ साल के थे, जब उनके दादाजी ओसवाल्दो उन्हें सारांदी में Racing के Predio Tita Mattiussi में ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे। जब अभ्यास खत्म होता, तो ओसवाल्दो उन्हें कुछ सिक्के देते ताकि वे स्नैक बार से चबाने वाली कैंडी खरीद सकें। उनका पोता उन्हें खुशी-खुशी ले लेता, बिना कुछ पूछे। De Paul को यह नहीं पता था — और यह जानने में उन्हें सालों लग गए — कि वे सिक्के दरअसल उनके दादाजी के घर लौटने के बस किराए के पैसे थे। उनके दादाजी टिकट लिए बिना रह जाते ताकि वह अपनी कैंडी ले सकें, और अकेले 50 या 60 ब्लॉक पैदल चलकर, Avellaneda से अपने मोहल्ले तक लौटते। 🚶♂️
ओसवाल्दो का 2009 में निधन हो गया, जब रोड्रिगो 14 साल के थे। यह सदमा इतना गहरा था कि लड़के ने कुछ समय के लिए फुटबॉल और स्कूल छोड़ दिया। आज वह अपनी बाईं कलाई पर “forever in my heart” वाक्यांश का टैटू पहने हुए हैं, और हर बार जब वह मैदान पर उतरते हैं या गोल करते हैं, तो उस टैटू को चूमते हैं। यह सिर्फ अंधविश्वास नहीं है: यह उस शख्स को भेजा गया एक आलिंगन है, जो अब उसे पा नहीं सकता। यह कहानी उनकी माँ, Mónica Ferrarotti, ने पत्रकार Maite Peñoñori को दिए एक इंटरव्यू में बताई। 💙
2021 Copa América में यह अंधविश्वास Leandro Paredes और टीम के साथ एक सामूहिक रिवाज़ बन गया — De Paul हर मैच से पहले ठीक 14 कैंडी खाते हैं, Paredes 7 खाते हैं, और Scaloni मानते हैं कि वे बिल्कुल बिना किसी शर्म के 40 Sugus खा जाते हैं। वे 2022 World Cup in Qatar में 270 बैग लेकर गए थे। 2026 वाले के लिए Dallas में यह रिवाज़ AT&T Stadium में दोहराया गया। अर्जेंटीना, विश्व चैंपियन, कुछ हद तक उन कैंडीज़ की बदौलत, जिनकी कीमत कभी एक दादाजी के बस किराए के बराबर पड़ी थी। 🏆🍬
